जीएसटी अधिनियम की धारा 59 करदाताओं द्वारा स्व-मूल्यांकन की अवधारणा से संबंधित है। यह धारा प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति की अपनी कर देयता का सही और समयबद्ध तरीके से आकलन और घोषणा करने की जिम्मेदारी को रेखांकित करती है।
धारा 59 - स्व-मूल्यांकन (स्व-मूल्यांकन):
जीएसटी कानून के तहत, स्व-मूल्यांकन (स्व-मूल्यांकन) का अर्थ है कि करदाता स्वयं देय कर की राशि की गणना करता है, रिटर्न दाखिल करता है, और अपने द्वारा देय कर का भुगतान करता है। यह जीएसटी अनुपालन का एक महत्वपूर्ण पहलू है जहां करदाता को जीएसटी अधिकारियों को अपने लेनदेन और कर देनदारियों की सही रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
